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पूर्णिमा व्रत कैसे रखें और पूजा कैसे करें?

पूर्णिमा व्रत: प्रातः स्नान → संकल्प → निराहार/फलाहार/एकभुक्त। पूजा: गणपति → सत्यनारायण/विष्णु → रात्रि चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → सत्यनारायण कथा → दान।

संक्षिप्त उत्तर

पूर्णिमा व्रत: प्रातः स्नान → संकल्प → निराहार/फलाहार/एकभुक्त। पूजा: गणपति → सत्यनारायण/विष्णु → रात्रि चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → सत्यनारायण कथा → दान। विशेष: गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा, माघ पूर्णिमा।

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विस्तृत उत्तर

पूर्णिमा व्रत प्रत्येक मास की पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है। यह चन्द्रमा और भगवान विष्णु/सत्यनारायण को समर्पित है।

व्रत कैसे रखें

  • ▸प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • ▸संकल्प लें: 'मैं आज पूर्णिमा व्रत रखता/रखती हूँ।'
  • ▸निराहार (निर्जला) या फलाहार व्रत — अपनी सामर्थ्य अनुसार।
  • ▸एक समय भोजन (एकभुक्त) भी मान्य।
  • ▸रात्रि में चन्द्रमा उदय होने पर चन्द्र दर्शन और अर्घ्य।
  • ▸चन्द्र दर्शन के बाद व्रत पारण (कुछ परम्पराओं में)।

पूजा विधि

  1. 1स्नान के बाद पूजा स्थल पर बैठें।
  2. 2गणपति पूजन।
  3. 3सत्यनारायण (विष्णु) की पूजा — पीले फूल, तुलसी, फल, मिठाई।
  4. 4चन्द्रमा का पूजन — रात्रि में चन्द्र उदय पर जल/दूध अर्पित।
  5. 5सत्यनारायण कथा पाठ या श्रवण (पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा की परम्परा)।
  6. 6दीपदान — विशेषकर कार्तिक, माघ पूर्णिमा पर।
  7. 7ब्राह्मण भोजन और दान।

विशेष पूर्णिमाएँ

गुरु पूर्णिमा (आषाढ़), रक्षाबन्धन (श्रावण), शरद पूर्णिमा (आश्विन), कार्तिक पूर्णिमा, माघ पूर्णिमा — इनका विशिष्ट महत्व।

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व्रत कैसे रखें

- प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। - संकल्प लें: 'मैं आज पूर्णिमा व्रत रखता/रखती हूँ। ' - निराहार (निर्जला) या फलाहार व्रत — अपनी सामर्थ्य अनुसार। - एक समय भोजन (एकभुक्त) भी मान्य। - रात्रि में चन्द्रमा उदय होने पर चन्द्र दर्शन और अर्घ्य। - चन्द्र दर्शन के बाद व्रत पारण (कुछ परम्पराओं में)।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

पूर्णिमा व्रत कैसे रखें और पूजा कैसे करें को संदर्भ सहित समझें

पूर्णिमा व्रत कैसे रखें और पूजा कैसे करें का सबसे सीधा सार यह है: पूर्णिमा व्रत: प्रातः स्नान → संकल्प → निराहार/फलाहार/एकभुक्त। पूजा: गणपति → सत्यनारायण/विष्णु → रात्रि चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → सत्यनारायण कथा → दान। विशेष: गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा...

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