विस्तृत उत्तर
श्रावण (सावन) मास भगवान शिव का सबसे प्रिय मास है। इस मास में शिव भक्ति और व्रत का विशेष महत्व है।
प्रमुख व्रत
- 1सोमवार व्रत: श्रावण के प्रत्येक सोमवार शिव व्रत — निराहार/फलाहार + शिवलिंग अभिषेक।
- 2श्रावण शिवरात्रि: श्रावण कृष्ण चतुर्दशी — मासिक शिवरात्रि।
- 3मंगला गौरी व्रत: प्रत्येक मंगलवार — सुहागिनों का व्रत (गौरी/पार्वती पूजा)।
- 4नाग पंचमी: श्रावण शुक्ल पंचमी — नाग देवता पूजा।
- 5रक्षाबन्धन: श्रावण पूर्णिमा।
- 6हरियाली तीज: श्रावण शुक्ल तृतीया — शिव-पार्वती पूजा।
नियम
- ▸प्रतिदिन शिवलिंग पर जलाभिषेक।
- ▸'ॐ नमः शिवाय' जप (108/1008 बार)।
- ▸रुद्राभिषेक/रुद्राष्टक पाठ।
- ▸कांवड़ यात्रा — गंगाजल लाकर शिव को अर्पित (उत्तर भारत में)।
- ▸बिल्वपत्र, धतूरा, आक पुष्प शिव को अर्पित।
- ▸सात्विक आहार — माँसाहार, मद्यपान वर्जित।
- ▸हरी पत्तेदार सब्जी/साग का त्याग (चातुर्मास नियम)।
- ▸ब्रह्मचर्य पालन।
- ▸शिव मन्दिर दर्शन (विशेषकर सोमवार)।
फल: शिव कृपा, मनोकामना पूर्ति, विवाह योग (कुंवारी कन्याओं हेतु), सौभाग्य।





