ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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व्रत📜 शिव पुराण, स्कन्द पुराण, लिंग पुराण2 मिनट पठन

श्रावण मास के व्रत और नियम क्या हैं

संक्षिप्त उत्तर

श्रावण नियम: प्रत्येक सोमवार शिव व्रत + शिवलिंग जलाभिषेक। मंगलवार = मंगला गौरी। नाग पंचमी, हरियाली तीज, रक्षाबन्धन। नित्य 'ॐ नमः शिवाय' जप, बिल्वपत्र, कांवड़ यात्रा। साग त्याग, सात्विक आहार, ब्रह्मचर्य। शिव का सबसे प्रिय मास।

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विस्तृत उत्तर

श्रावण (सावन) मास भगवान शिव का सबसे प्रिय मास है। इस मास में शिव भक्ति और व्रत का विशेष महत्व है।

प्रमुख व्रत

  1. 1सोमवार व्रत: श्रावण के प्रत्येक सोमवार शिव व्रत — निराहार/फलाहार + शिवलिंग अभिषेक।
  2. 2श्रावण शिवरात्रि: श्रावण कृष्ण चतुर्दशी — मासिक शिवरात्रि।
  3. 3मंगला गौरी व्रत: प्रत्येक मंगलवार — सुहागिनों का व्रत (गौरी/पार्वती पूजा)।
  4. 4नाग पंचमी: श्रावण शुक्ल पंचमी — नाग देवता पूजा।
  5. 5रक्षाबन्धन: श्रावण पूर्णिमा।
  6. 6हरियाली तीज: श्रावण शुक्ल तृतीया — शिव-पार्वती पूजा।

नियम

  • प्रतिदिन शिवलिंग पर जलाभिषेक।
  • 'ॐ नमः शिवाय' जप (108/1008 बार)।
  • रुद्राभिषेक/रुद्राष्टक पाठ।
  • कांवड़ यात्रा — गंगाजल लाकर शिव को अर्पित (उत्तर भारत में)।
  • बिल्वपत्र, धतूरा, आक पुष्प शिव को अर्पित।
  • सात्विक आहार — माँसाहार, मद्यपान वर्जित।
  • हरी पत्तेदार सब्जी/साग का त्याग (चातुर्मास नियम)।
  • ब्रह्मचर्य पालन।
  • शिव मन्दिर दर्शन (विशेषकर सोमवार)।

फल: शिव कृपा, मनोकामना पूर्ति, विवाह योग (कुंवारी कन्याओं हेतु), सौभाग्य।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, स्कन्द पुराण, लिंग पुराण
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