विस्तृत उत्तर
कामिका एकादशी श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है।
व्रत विधि
- 1दशमी (10वीं तिथि) को सात्विक एक-समय भोजन।
- 2एकादशी प्रातः स्नान → संकल्प: 'मैं कामिका एकादशी व्रत भगवान विष्णु की प्रीति हेतु करता/करती हूँ।'
- 3निराहार या फलाहार व्रत। चावल, अन्न, दाल वर्जित।
- 4भगवान विष्णु/श्रीकृष्ण की पूजा — तुलसी, पीले पुष्प, चन्दन, धूप, दीप, नैवेद्य (फल)।
- 5तुलसी पूजा विशेष — कामिका एकादशी पर तुलसी पत्र अर्पित करने का अत्यन्त महत्व।
- 6'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप (108+ बार)।
- 7विष्णु सहस्रनाम/गीता पाठ।
- 8कामिका एकादशी कथा श्रवण।
- 9रात्रि जागरण — भजन, कीर्तन।
- 10द्वादशी (12वीं) प्रातः स्नान → पूजा → पारण (भोजन)।
विशेष महत्व
- ▸श्रावण + कृष्ण पक्ष + एकादशी = शिव + विष्णु दोनों की कृपा (श्रावण शिव का, एकादशी विष्णु की)।
- ▸तुलसी अर्पण से सहस्र गोदान का पुण्य।
- ▸पद्मपुराण: इस व्रत से सभी पापों का नाश और विष्णुलोक प्राप्ति।





