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एकादशी📜 पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण1 मिनट पठन

कामिका एकादशी व्रत कैसे रखें

संक्षिप्त उत्तर

कामिका एकादशी: श्रावण कृष्ण एकादशी। दशमी एक-समय भोजन → एकादशी निराहार/फलाहार → विष्णु पूजा (तुलसी विशेष) → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' → कथा → रात्रि जागरण → द्वादशी पारण। तुलसी = सहस्र गोदान पुण्य। शिव+विष्णु कृपा।

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विस्तृत उत्तर

कामिका एकादशी श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है।

व्रत विधि

  1. 1दशमी (10वीं तिथि) को सात्विक एक-समय भोजन।
  2. 2एकादशी प्रातः स्नान → संकल्प: 'मैं कामिका एकादशी व्रत भगवान विष्णु की प्रीति हेतु करता/करती हूँ।'
  3. 3निराहार या फलाहार व्रत। चावल, अन्न, दाल वर्जित।
  4. 4भगवान विष्णु/श्रीकृष्ण की पूजा — तुलसी, पीले पुष्प, चन्दन, धूप, दीप, नैवेद्य (फल)।
  5. 5तुलसी पूजा विशेष — कामिका एकादशी पर तुलसी पत्र अर्पित करने का अत्यन्त महत्व।
  6. 6'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप (108+ बार)।
  7. 7विष्णु सहस्रनाम/गीता पाठ।
  8. 8कामिका एकादशी कथा श्रवण।
  9. 9रात्रि जागरण — भजन, कीर्तन।
  10. 10द्वादशी (12वीं) प्रातः स्नान → पूजा → पारण (भोजन)।

विशेष महत्व

  • श्रावण + कृष्ण पक्ष + एकादशी = शिव + विष्णु दोनों की कृपा (श्रावण शिव का, एकादशी विष्णु की)।
  • तुलसी अर्पण से सहस्र गोदान का पुण्य।
  • पद्मपुराण: इस व्रत से सभी पापों का नाश और विष्णुलोक प्राप्ति।
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शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण
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