विस्तृत उत्तर
कामिका एकादशी श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को मनाई जाती है। श्रावण मास स्वयं में भगवान शिव और विष्णु दोनों की उपासना हेतु अत्यंत पावन माना जाता है। यह चातुर्मास का वह काल है जब भगवान विष्णु क्षीर सागर में शेषशायी होकर योगनिद्रा में लीन होते हैं। इस अवधि में की जाने वाली साधना का फल अनंत गुना बढ़ जाता है क्योंकि साधक अपनी चेतना को भगवान की अंतर्मुखी चेतना के साथ जोड़ने का प्रयास करता है।




