विस्तृत उत्तर
विभिन्न पुराणों में इस एकादशी के कई नाम मिलते हैं। 'पद्म पुराण' और 'नारद पुराण' में इसे 'हरिशयनी' या 'शयनी' एकादशी कहा गया है। 'ब्रह्मवैवर्त पुराण' में इसे 'पद्मा एकादशी' का नाम दिया गया है, जो सौभाग्य और लक्ष्मी प्राप्ति का आधार है। चातुर्मास के कठोर तप की शुरुआत होने के कारण कुछ लोक-परंपराओं में इसे 'महा-एकादशी' और 'आषाढ़ी एकादशी' भी कहा जाता है।





