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विस्तृत उत्तर
जनलोक महर्लोक से दो करोड़ योजन ऊपर स्थित बताया गया है। ध्रुवलोक से एक करोड़ योजन ऊपर महर्लोक स्थित है और महर्लोक से दो करोड़ योजन ऊपर जनलोक है। यह दूरी इतनी विशाल मानी गई है कि इसे केवल योगबल और तपोबल से ही पार किया जा सकता है। जनलोक सामान्य मानवीय या यांत्रिक पहुँच से परे सूक्ष्म और पारलौकिक आयाम है।
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