विस्तृत उत्तर
अलग-अलग पुराणों में अन्य पातालों के नाम और क्रम में कुछ भिन्नता मिलती है, पर महातल की स्थिति लगभग सर्वसम्मति से पांचवें पाताल के रूप में स्थिर है। श्रीमद्भागवत और पद्म पुराण में महातल पांचवां पाताल है। विष्णु पुराण में भी महातल पांचवें स्थान पर है। वायु पुराण में भी महातल पांचवें स्तर पर है। शिव पुराण में कुछ स्थानों पर इसे तल या महातल कहा गया है, पर इसका स्वरूप और निवासी महातल के समान बताए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि महातल पृथ्वी से 50,000 योजन नीचे पांचवें स्तर पर स्थापित है।
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