विस्तृत उत्तर
रामचरितमानस के बालकाण्ड में रावण की माता का नाम सीधे उल्लिखित नहीं है। मानस में केवल 'पुलस्त्यकुल' में जन्म का उल्लेख है।
पुराणों (विशेषकर वाल्मीकि रामायण और ब्रह्माण्ड पुराण) के अनुसार रावण की माता का नाम कैकसी (कैकसी/निकषा) था। कैकसी सुमाली (राक्षस) की पुत्री थीं और विश्रवा मुनि (पुलस्त्य के पौत्र) की पत्नी थीं। रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण और शूर्पणखा — ये चारों कैकसी और विश्रवा की सन्तान थे।
रामचरितमानस में रावण के जन्म, कुल और वंश का विस्तृत वर्णन नहीं है — तुलसीदासजी ने इसे संक्षेप में कहा और मुख्य ध्यान रावण की तपस्या, वरदान और अत्याचार पर रखा।





