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विस्तृत उत्तर
योजन पुराणों में ब्रह्मांडीय दूरियों को मापने की प्राचीन इकाई है। ब्रह्मांड के विभिन्न लोकों के बीच की दूरी योजन में बताई गई है। उदाहरण के लिए ध्रुवलोक से महर्लोक एक करोड़ योजन, महर्लोक से जनलोक दो करोड़ योजन, जनलोक से तपोलोक आठ करोड़ योजन और तपोलोक से सत्यलोक बारह करोड़ योजन दूर बताया गया है। तालिका में एक योजन को लगभग आठ मील के बराबर मानकर दूरी का अनुमान दिया गया है।
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