विस्तृत उत्तर
यद्यपि सभी प्रमुख महापुराणों में सात अधोलोकों का वर्णन मिलता है, परंतु अलग-अलग कल्पों, मन्वन्तरों के भेदों अथवा वर्णन शैली की भिन्नता के कारण विभिन्न पुराणों में इनके नामों और वर्गीकरण में आंशिक भिन्नता प्राप्त होती है। श्रीमद्भागवत पुराण में अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल का क्रम मिलता है। विष्णु पुराण में अतल, वितल, नितल, गभस्तिमान, महातल, सुतल और पाताल का क्रम मिलता है। शिव पुराण में अतल, वितल, सुतल, रसातल, तल, तलातल और पाताल का उल्लेख है। वायु पुराण में रसातल, सुतल, वितल, गभस्तल, महातल, श्रीतल और पाताल का क्रम दिया गया है। यह तुलनात्मक अध्ययन सिद्ध करता है कि चाहे नामों के क्रम में किंचित भिन्नता हो, सात स्तरों वाली अधोलोक संरचना सम्पूर्ण वैदिक वांग्मय में स्वीकार की गई है।
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