विस्तृत उत्तर
नीलकंठ तत्व का आधार यद्यपि शिवपुराण (रुद्र संहिता) और अन्य पुराणों में वर्णित है, लेकिन इस विशेष स्तोत्र की संरचना और बीज मंत्रों की प्रकृति शुद्ध रूप से तांत्रिक है।
यह दर्शाता है कि नीलकंठ के पौराणिक तत्व (त्याग, विष शमन) को तांत्रिक परंपरा ने ग्रहण किया और उसे असाध्य रोगों, विषों, और शत्रु बाधाओं को नष्ट करने के लिए 'अघोरास्त्र' (एक आध्यात्मिक हथियार) के रूप में रूपांतरित किया।
इसलिए, यह स्तोत्र पौराणिक लक्ष्य (शिवलोकं स गच्छति) की प्राप्ति के साथ-साथ तांत्रिक त्वरित फल (रोग निवारण, शत्रु नाश) भी प्रदान करता है।





