विस्तृत उत्तर
श्री नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्रम् भगवान शिव के परम त्याग (नीलकंठ तत्व) पर आधारित एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक पाठ है, जिसका मूल स्रोत 'श्री रामेश्वर तंत्र' है।
यह पाठ असाध्य रोगों, विषों, ज्वरों, और पर-विद्या (तांत्रिक बाधाओं) के उन्मूलन के लिए एक अचूक आध्यात्मिक 'अस्त्र' के रूप में कार्य करता है।
यह तांत्रिक पाठ केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि अत्यंत उग्र और आक्रामक है। इसमें 'हन हन' (मारो), 'दह दह' (जला दो), 'छिंदी छिंदी' (काट डालो) जैसे उग्र बीज मंत्रों का प्रयोग होता है।





