विस्तृत उत्तर
नीलकंठ की आराधना का मुख्य उद्देश्य विषदोषों और ज्वरों का निवारण है।
विषदोष न केवल भौतिक विष (जैसे सर्पविष) के रूप में होते हैं, बल्कि यह ज्योतिषीय योग (शनि-चंद्रमा का संयोजन) या जीवन में व्याप्त तीव्र मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी के रूप में भी प्रकट हो सकते हैं।
इस स्तोत्र की शक्ति का बल ज्वर, रोग और विभिन्न प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं के शमन पर केंद्रित है। विष के घातक प्रभाव को निष्क्रिय करने की शिव की क्षमता के कारण, उनकी प्रार्थना सभी प्रकार के रोगों (शीत ज्वर, ताप ज्वर) और यहाँ तक कि अदृश्य नकारात्मकता को भी दूर कर देती है।





