विस्तृत उत्तर
नीलकंठ महादेव का चरित्र मानवीय संवेदनाओं के पोषण और अनुरंजन के लिए देवताओं के अवतरण का सर्वोच्च उदाहरण है।
यह स्वरूप भक्तों को यह प्रेरणा देता है कि दूसरों के कष्टों को स्वयं पर धारण करना ही सच्चा 'शिवत्व' है।
यह घटना यह स्थापित करती है कि भगवान शिव का सर्वोच्च देवत्व उनकी शक्ति (महाकाल) में नहीं, बल्कि उनके आत्म-त्याग और परोपकार (नीलकंठ) में निहित है।





