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विस्तृत उत्तर
महेश्वर कवच के लिए विनियोग करते समय, साधक को अपने नाम, गोत्र, स्थान और विशेष प्रयोजन का स्पष्ट उल्लेख करना चाहिए।
उदाहरण के रूप में: 'अस्य श्री महेश्वर कवच स्तोत्र मंत्रस्य... रोग-निवारणार्थे, कायिक-मानसिक-सुरक्षार्थे च पाठे विनियोगः'
इस प्रकार विनियोग से पाठ एक विशिष्ट लक्ष्य की ओर निर्देशित होता है।
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