विस्तृत उत्तर
यजमान (अभिषेक करने वाला) अपने हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर देश-काल का उच्चारण करते हुए अपना नाम, गोत्र, और सबसे महत्वपूर्ण, अपनी विशिष्ट कामना का स्पष्ट उल्लेख करता है (अमुक कामना सिद्धि अर्थम्)।
संकल्प से पूर्व तीन बार आचमन करने का विधान है, मंत्रों के साथ — ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः। इसके बाद ॐ गोविन्दाय नमः बोलकर जल भूमि पर छोड़ा जाता है। इसके उपरांत तीन लघु प्राणायाम किए जाते हैं।





