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विस्तृत उत्तर
नाम और गोत्र के उच्चारण तथा वैदिक मंत्रों की शक्ति से श्राद्ध का अन्न सूक्ष्म ऊर्जा में बदलकर पितरों तक पहुँचता है। जैसे बछड़ा गायों के झुंड में अपनी माता को ढूँढ़ लेता है, वैसे ही अर्पण अपने पितर तक पहुँचता है।
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