विस्तृत उत्तर
सर्प विष विनाश खंड में आठ प्रमुख नागों के नाम का उल्लेख किया गया है:
अनंत, वासुकी, तक्षक, करकोटक, शंखपाल, विजय, पद्म, महापद्म, एलापत्र।
इन नागों के नामों का समावेश यह सुनिश्चित करता है कि यह स्तोत्र केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष सर्प विष के प्रभाव को भी शांत करने की क्षमता रखता है।





