विस्तृत उत्तर
प्रचलित रूप में जिसे 'नीलकंठ स्तोत्र' कहा जाता है, वह वास्तव में एक तांत्रिक पाठ है जिसका नाम 'श्री नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्र' है।
स्तोत्र के पाठ के अंत में स्पष्ट रूप से यह अंकित है: 'इति श्री रामेश्वर तंत्रे श्री नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्रम् संपूर्णम्'।
यह स्तोत्र शिव के अघोर/रुद्र स्वरूप की उग्र शक्ति को आह्वान करता है।





