विस्तृत उत्तर
शुक्रवार = लक्ष्मी का प्रिय दिन (शुक्र ग्रह = लक्ष्मी/शुक्राचार्य):
विधान
- 1प्रातः स्नान → सफेद/गुलाबी/पीला वस्त्र।
- 2लक्ष्मी-विष्णु/लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा/चित्र समक्ष।
- 3कमल/गुलाबी पुष्प + कुमकुम + अक्षत।
- 4घी दीपक + कर्पूर।
- 5श्री सूक्त पाठ / लक्ष्मी चालीसा।
- 6'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' 108 जप।
- 7भोग: खीर, मिठाई, फल।
- 8आरती — 'ॐ जय लक्ष्मी माता'।
शुक्रवार व्रत: निराहार/फलाहार। सफेद वस्तु दान (दूध, चावल, मिश्री)। संध्या को लक्ष्मी कथा।
विशेष: शुक्रवार संध्या को तुलसी दीपक (लक्ष्मी = विष्णुपत्नी, तुलसी = विष्णुप्रिया)।





