ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
लक्ष्मी पूजा📜 अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र, दक्षिण भारतीय परंपरा1 मिनट पठन

लक्ष्मी जी के आठ रूपों की अलग-अलग पूजा कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

8 रूप: आदि (कमल), धन (सिक्का), धान्य (अन्न), गज (श्वेत), सन्तान (पीला), वीर (लाल), विजय (श्रृंगार), विद्या (पुस्तक)। अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र — 8 श्लोक = 8 पुष्प।

📖

विस्तृत उत्तर

अष्ट लक्ष्मी — प्रत्येक रूप की विशेष पूजा:

| रूप | उद्देश्य | विशेष भोग/पुष्प |

|------|----------|------------------|

| आदि लक्ष्मी | मूल समृद्धि | कमल, खीर |

| धन लक्ष्मी | धन-सम्पत्ति | स्वर्ण/सिक्का, मिठाई |

| धान्य लक्ष्मी | अन्न-कृषि | अन्न/चावल, फल |

| गज लक्ष्मी | शक्ति-वैभव | श्वेत पुष्प, दूध |

| सन्तान लक्ष्मी | संतान सुख | पीला पुष्प, केला |

| वीर लक्ष्मी | साहस-बल | लाल पुष्प |

| विजय लक्ष्मी | सफलता | श्रृंगार, मिठाई |

| विद्या लक्ष्मी | शिक्षा-ज्ञान | पुस्तक/कलम, सफेद पुष्प |

सामान्य विधि: अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र पाठ — 8 श्लोक = 8 रूप — प्रत्येक पर विशेष पुष्प। शुक्रवार/दीपावली/नवरात्रि।

📜
शास्त्रीय स्रोत
अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र, दक्षिण भारतीय परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

अष्ट लक्ष्मी8 रूपअलग पूजाविधिविशेष

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

लक्ष्मी जी के आठ रूपों की अलग-अलग पूजा कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको लक्ष्मी पूजा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र, दक्षिण भारतीय परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।