विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी प्रतिमा की दिशा:
सर्वोत्तम: पूजा घर में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख। भक्त पश्चिम/दक्षिण की ओर मुख करके पूजा करे।
वास्तु नियम
- ▸ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) = पूजा स्थान सर्वोत्तम।
- ▸लक्ष्मी-गणेश साथ रखें (गणेश बाईं ओर, लक्ष्मी दाहिनी)।
- ▸लक्ष्मी+विष्णु = सर्वश्रेष्ठ (अकेली लक्ष्मी = कुछ परंपरा में अनुपयुक्त)।
- ▸शौचालय/रसोई की दीवार से सटाकर न रखें।
- ▸भूमि पर न रखें — ऊंचे स्थान/आसन पर।
दीपावली विशेष: लक्ष्मी मुख द्वार (प्रवेश) की ओर — ताकि लक्ष्मी घर में प्रवेश करें।





