विस्तृत उत्तर
शंख = विष्णु/लक्ष्मी पूजा में अनिवार्य:
महत्व
- 1समुद्र मंथन: शंख = समुद्र मंथन से प्रकट — लक्ष्मी भी समुद्र से।
- 2विष्णु शंख (पांचजन्य): लक्ष्मी = विष्णुपत्नी — शंख = विष्णु-लक्ष्मी आवाहन।
- 3शंख जल: शंख में जल = 'शंखोदक' — पवित्र, अभिषेक योग्य।
- 4ध्वनि = 'ॐ': शंख ध्वनि = 'ॐ' की अनुगूंज — नकारात्मक ऊर्जा नाश।
नियम
- ▸आरती के समय बजाएं।
- ▸दक्षिणावर्ती शंख = अत्यंत शुभ (दुर्लभ)।
- ▸वामावर्ती शंख = सामान्य, शुभ।
- ▸लक्ष्मी पूजा: शंख बजाएं + शंख में जल भरकर पूजा स्थान पर छिड़कें।
- ▸शिव पूजा में शंख वर्जित — किन्तु लक्ष्मी/विष्णु में अनिवार्य।
दीपावली: लक्ष्मी पूजा + शंख + घंटी = लक्ष्मी आगमन।





