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लक्ष्मी पूजा📜 लक्ष्मी-विष्णु पूजा पद्धति1 मिनट पठन

लक्ष्मी जी की पूजा में शंख बजाने का क्या नियम है?

संक्षिप्त उत्तर

समुद्र मंथन = शंख+लक्ष्मी दोनों। विष्णु पांचजन्य। आरती में बजाएं। दक्षिणावर्ती = अत्यंत शुभ। शंखोदक = पवित्र। ध्वनि = 'ॐ'। शिव में वर्जित — लक्ष्मी/विष्णु अनिवार्य।

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विस्तृत उत्तर

शंख = विष्णु/लक्ष्मी पूजा में अनिवार्य:

महत्व

  1. 1समुद्र मंथन: शंख = समुद्र मंथन से प्रकट — लक्ष्मी भी समुद्र से।
  2. 2विष्णु शंख (पांचजन्य): लक्ष्मी = विष्णुपत्नी — शंख = विष्णु-लक्ष्मी आवाहन।
  3. 3शंख जल: शंख में जल = 'शंखोदक' — पवित्र, अभिषेक योग्य।
  4. 4ध्वनि = 'ॐ': शंख ध्वनि = 'ॐ' की अनुगूंज — नकारात्मक ऊर्जा नाश।

नियम

  • आरती के समय बजाएं।
  • दक्षिणावर्ती शंख = अत्यंत शुभ (दुर्लभ)।
  • वामावर्ती शंख = सामान्य, शुभ।
  • लक्ष्मी पूजा: शंख बजाएं + शंख में जल भरकर पूजा स्थान पर छिड़कें।
  • शिव पूजा में शंख वर्जित — किन्तु लक्ष्मी/विष्णु में अनिवार्य।

दीपावली: लक्ष्मी पूजा + शंख + घंटी = लक्ष्मी आगमन।

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शास्त्रीय स्रोत
लक्ष्मी-विष्णु पूजा पद्धति
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