विस्तृत उत्तर
लक्ष्मी पूजा रात्रि/संध्या को क्यों:
- 1समुद्र मंथन: लक्ष्मी समुद्र मंथन से रात्रि में प्रकट हुईं (कार्तिक अमावस्या)।
- 2अमावस्या: दीपावली = अमावस्या (सबसे अंधेरी रात) — अंधकार में दीपक = लक्ष्मी आगमन।
- 3प्रदोष काल: संध्या = देव पूजा का सर्वोत्तम काल।
- 4स्थिरता: रात्रि = शांत, स्थिर — लक्ष्मी = चंचल, शांत वातावरण में स्थिर।
- 5व्यावहारिक: दिन का कार्य समाप्त → संध्या = पूजा का समय।
दीपावली विशेष: 'स्थिर लग्न' + प्रदोष = लक्ष्मी पूजा मुहूर्त। रात्रि जागरण = लक्ष्मी जागृत।





