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लक्ष्मी पूजा📜 दीपावली परंपरा, लक्ष्मी पूजा पद्धति1 मिनट पठन

लक्ष्मी जी की पूजा रात को करने का कारण क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

समुद्र मंथन → लक्ष्मी रात्रि प्रकट। अमावस्या = अंधकार → दीपक = लक्ष्मी। प्रदोष = देव पूजा काल। रात्रि = शांत → लक्ष्मी स्थिर। स्थिर लग्न + प्रदोष = दीपावली मुहूर्त।

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विस्तृत उत्तर

लक्ष्मी पूजा रात्रि/संध्या को क्यों:

  1. 1समुद्र मंथन: लक्ष्मी समुद्र मंथन से रात्रि में प्रकट हुईं (कार्तिक अमावस्या)।
  2. 2अमावस्या: दीपावली = अमावस्या (सबसे अंधेरी रात) — अंधकार में दीपक = लक्ष्मी आगमन।
  3. 3प्रदोष काल: संध्या = देव पूजा का सर्वोत्तम काल।
  4. 4स्थिरता: रात्रि = शांत, स्थिर — लक्ष्मी = चंचल, शांत वातावरण में स्थिर।
  5. 5व्यावहारिक: दिन का कार्य समाप्त → संध्या = पूजा का समय।

दीपावली विशेष: 'स्थिर लग्न' + प्रदोष = लक्ष्मी पूजा मुहूर्त। रात्रि जागरण = लक्ष्मी जागृत।

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शास्त्रीय स्रोत
दीपावली परंपरा, लक्ष्मी पूजा पद्धति
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