📖
विस्तृत उत्तर
दक्षिण दिशा पितरों की अधिष्ठात्री दिशा मानी गई है। इसलिए पितृ तर्पण और पिण्डदान दक्षिणमुख होकर किया जाता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?
दक्षिण दिशा पितरों की अधिष्ठात्री दिशा मानी गई है।
दक्षिण पितरों की दिशा है।
दक्षिण दिशा पितरों की अधिष्ठात्री दिशा मानी गई है। इसलिए पितृ तर्पण और पिण्डदान दक्षिणमुख होकर किया जाता है।
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको लोक से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।