विस्तृत उत्तर
श्राद्ध में गाय को ग्रास (भोजन) देना अत्यंत पुण्यदायक और अनिवार्य माना जाता है।
कारण
- 1गाय = देवमाता — गाय में 33 कोटि (प्रकार) देवताओं का वास। गो-ग्रास = सभी देवताओं को भोजन।
- 2वैतरणी नदी — गरुड़ पुराण अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा को वैतरणी नदी पार करनी होती है। गो-दान/गो-ग्रास से गाय पितर को वैतरणी पार कराती है।
- 3पंचबलि — श्राद्ध भोजन से सबसे पहले गाय के लिए निकालना = देव भोग।
- 4पितरों तक भोजन — गाय = देव माध्यम — गाय को खिलाने से पितरों तक भोजन पहुँचता है (मान्यता)।
क्या दें
- ▸हरा चारा/घास।
- ▸रोटी + गुड़।
- ▸श्राद्ध का पहला अंश।
गो-दान: गरुड़ पुराण में मृत्यु पश्चात गो-दान (गाय दान) सबसे बड़ा दान माना गया है — पितर को मोक्ष मार्ग में सहायक।





