ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
श्राद्ध विधि📜 गरुड़ पुराण, शास्त्र (Zee News, Webdunia, Last Journey verified)1 मिनट पठन

श्राद्ध की तिथि भूल जाएं तो क्या करें?

संक्षिप्त उत्तर

सर्वपितृ अमावस्या (पितृ पक्ष अंतिम दिन) को श्राद्ध करें — सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के लिए। पिता=अष्टमी, माता=नवमी, अकाल मृत्यु=चतुर्दशी। तिल-जल तर्पण + पिंडदान + ब्राह्मण भोजन।

📖

विस्तृत उत्तर

सर्वपितृ अमावस्या (पितृ पक्ष का अंतिम दिन) को श्राद्ध करें — यह दिन सभी पितरों के श्राद्ध के लिए निर्धारित है।

शास्त्रीय विधान (verified from Zee News, Webdunia)

  • जिन पितरों की मृत्यु तिथि याद नहीं या भूल गए हों — उनका श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या (आश्विन कृष्ण अमावस्या) को करें।
  • इस दिन सभी पितरों (ज्ञात-अज्ञात) का श्राद्ध एक साथ किया जा सकता है।
  • इसे 'पितृ विसर्जनी अमावस्या' भी कहते हैं — इस दिन पितर वापस पितृलोक जाते हैं।

विशेष तिथियाँ (verified from Aaj Tak, Times Now)

  • पिता का श्राद्ध = अष्टमी तिथि (पितृ पक्ष)।
  • माता का श्राद्ध = नवमी तिथि।
  • अकाल मृत्यु (दुर्घटना/आत्महत्या) = चतुर्दशी तिथि।
  • अविवाहित = पंचमी तिथि।
  • सन्यासी/विधवा = द्वादशी तिथि।

सरल उपाय: तिथि याद न हो तो सर्वपितृ अमावस्या को तिल-जल से तर्पण + पिंडदान + ब्राह्मण भोजन + गो-ग्रास + कौवा ग्रास — सभी पितर तृप्त हो जाएंगे।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, शास्त्र (Zee News, Webdunia, Last Journey verified)
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

श्राद्ध तिथिभूल जानासर्वपितृ अमावस्या

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

श्राद्ध की तिथि भूल जाएं तो क्या करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको श्राद्ध विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गरुड़ पुराण, शास्त्र (Zee News, Webdunia, Last Journey verified) पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।