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विस्तृत उत्तर
तिल भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माने जाते हैं। इसी कारण तिल दान को विशेष महत्व दिया गया है। यह प्रेत के पापों का नाश करता है और असुरों तथा दानवों को दूर रखता है। मृत्यु के बाद आत्मा की पारलौकिक यात्रा में तिल दान को सहायक माना गया है।
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