विस्तृत उत्तर
माघ मास में 'षट्-तिला' (तिल के 6 प्रयोग) की अवधारणा के कारण इस दिन तांबे के पात्र में रखकर 'तिल' का दान करना अक्षय और कोटि-गुना पुण्यकारी होता है। अज्ञान के अंधकार को मिटाने के लिए सूर्य देवता की प्रसन्नता हेतु तिल के तेल या शुद्ध घी का 'दीप-दान' करना चाहिए। इसके अलावा ब्राह्मणों और दरिद्रों को सात्विक अन्न, लाल वस्त्र, गुड़ और लाल वस्तुओं का दान अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।





