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विस्तृत उत्तर
मत्स्य पुराण' के अनुसार मकर संक्रांति के दिन साधक को तीन पात्र (बर्तन) अन्न से भरकर तथा एक सवत्सा गाय (बछड़े सहित गाय) का दान यम, रुद्र और धर्म के नाम पर एक आत्म-संयमी ब्राह्मण को करना चाहिए।
यदि सामर्थ्य हो तो सोने के आभूषण, शैय्या (पलंग), और तांबे के पात्र दान करने चाहिए।
तांबे के पात्र का दान शरीर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और आयु, आरोग्य, यश और सौभाग्य में वृद्धि करता है।
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