पौराणिक ज्ञानवैतरणी नदी पार करने के लिए गाय दान क्यों जरूरी?गरुड़ पुराण: वैतरणी = रक्त-पूय भरी भयानक नदी। गो-दान करने वाले की गाय पूँछ पकड़ाकर पार कराती है। बिना गो-दान = अत्यंत कष्ट। गाय न हो = गौशाला दान। उद्देश्य: गो-सेवा/दान प्रेरणा।#वैतरणी#गाय दान#गरुड़ पुराण
दान विधानमकर संक्रांति पर गाय का दान क्यों करते हैं?मत्स्य पुराण: मकर संक्रांति पर सवत्सा गाय (बछड़े सहित) = यम, रुद्र और धर्म के नाम पर संयमी ब्राह्मण को दान। गरीब हो तो: केवल फलों का दान = गोदान के समान पुण्य।#गाय दान#सवत्सा धेनु
दान विधानमत्स्य पुराण के अनुसार मकर संक्रांति पर क्या दान करें?मत्स्य पुराण: तीन पात्र अन्न + सवत्सा गाय (बछड़े सहित) = यम, रुद्र, धर्म के नाम पर। सामर्थ्य हो तो: सोने के आभूषण, शैय्या, तांबे के पात्र। तांबे के पात्र का दान = आयु, आरोग्य, यश, सौभाग्य वृद्धि।#मत्स्य पुराण दान#तीन पात्र अन्न#गाय दान