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हवन📜 याज्ञवल्क्य स्मृति, श्रौतसूत्र1 मिनट पठन

हवन में गूलर की लकड़ी का क्या विधान है

संक्षिप्त उत्तर

गूलर: शुक्र समिधा (शुक्र शान्ति अनिवार्य), स्वर्गदायिनी, अग्निगर्भ, क्षीर वृक्ष, शिशिर ऋतु, सोमयाग पात्र। विवाह/सौभाग्य हवन।

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विस्तृत उत्तर

गूलर (उदुम्बर/Ficus racemosa) = विशिष्ट समिधा।

(1) शुक्र ग्रह समिधा — नवग्रह हवन में शुक्र शान्ति हेतु अनिवार्य। (2) स्वर्गदायिनी — शास्त्रोक्त। (3) अग्निगर्भ — पुराणों में: अग्नि भीतर सुप्त, जलाने पर जागृत = विशेष ऊर्जा। (4) क्षीर वृक्ष — दूध/रस वाला (अंजीर परिवार)। (5) शिशिर ऋतु — माघ-फाल्गुन में विशेष विहित। (6) सोमयाग — वैदिक सोमयाग में गूलर पात्र = पवित्रता।

प्रयोग: शुक्र शान्ति, विवाह/सौभाग्य हवन, शिशिर ऋतु, सामान्य (आम अनुपलब्ध)।

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शास्त्रीय स्रोत
याज्ञवल्क्य स्मृति, श्रौतसूत्र
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