समिधाहवन में कौन सी लकड़ी (समिधा) इस्तेमाल करते हैं?समिधा = हवन में जलाई जाने वाली पवित्र लकड़ी। ऋग्वेद और यजुर्वेद: 'समिधाग्निं दुवस्यत घृतैर्बोधयतातिथिम्।' सामान्य हवन के लिए आम की लकड़ी सर्वाधिक सुलभ और प्रामाणिक। ग्रह शांति के लिए अलग-अलग समिधाओं का विधान।#समिधा#यज्ञीय काष्ठ#ऋग्वेद
हवनहवन में आम की लकड़ी का विशेष महत्व क्या हैआम: सर्वदेव प्रिय, क्षीर वृक्ष, मीठी सुगन्ध, कम धुआँ, सर्वसुलभ, मांगलिक। विकल्प: पीपल/बरगद/पाकर। सूखी, 8 अंगुल, घी डुबोकर।#आम#समिधा
हवनहवन में किस प्रकार की लकड़ी प्रयोग करनी चाहिएसमिधा: आम=सर्वमान्य। नवग्रह: सूर्य=मदार, चन्द्र=पलाश, मंगल=खैर, बुध=चिड़चिड़ा, गुरु=पीपल, शुक्र=गूलर, शनि=शमी, राहु=दूर्वा, केतु=कुश। 8 अंगुल, सूखी, घी डुबोकर।#हवन#समिधा#लकड़ी
हवनहवन में गूलर की लकड़ी का क्या विधान हैगूलर: शुक्र समिधा (शुक्र शान्ति अनिवार्य), स्वर्गदायिनी, अग्निगर्भ, क्षीर वृक्ष, शिशिर ऋतु, सोमयाग पात्र। विवाह/सौभाग्य हवन।#गूलर#उदुम्बर#शुक्र
हवनहवन में नवग्रह समिधा कौन कौन सी हैंनवग्रह: सूर्य=मदार, चन्द्र=पलाश, मंगल=खैर, बुध=चिड़चिड़ा, गुरु=पीपल, शुक्र=गूलर, शनि=शमी, राहु=दूर्वा, केतु=कुश। 108/ग्रह। याज्ञवल्क्य।#नवग्रह#समिधा#ग्रह शान्ति
हवनहवन में पलाश की लकड़ी क्यों उत्तम मानी जाती हैपलाश: ब्रह्मवृक्ष, सर्वकार्य सिद्धि, चन्द्र समिधा, यज्ञोपवीत दण्ड, अग्निवर्ण, कृमिनाशक, तीन पत्ते=त्रिदेव।#पलाश#ढाक#ब्रह्मवृक्ष
शिव उपासनाशिव पूजा में हवन करते समय कौन सी लकड़ी प्रयोग करेंशिव हवन लकड़ी: बिल्व (सर्वोत्तम — शिव प्रिय), आम, पलाश (ढाक), शमी, पीपल, बरगद। 8 अंगुल लम्बी, सूखी, कीड़ा न लगी। घी में डुबोकर 'ॐ नमः शिवाय स्वाहा' से आहुति। गोबर कण्डे भी शुभ। वर्जित: सड़ी-गली, गीली, कीड़ा लगी।#शिव#हवन#समिधा