विस्तृत उत्तर
व्यावहारिक कारण+उपाय: (1) गीली समिधा → सुखाकर। (2) कम घी → पर्याप्त डालें। (3) हवा अधिक/कम → मध्यम। (4) कपूर डालें = तुरन्त प्रज्वलित। (5) गोबर कण्डे = स्थिर अग्नि।
प्रायश्चित: 'ॐ भूर्भुवः स्वः' बोलकर पुनः प्रज्वलित। गायत्री 11/21 बार। संकल्प पुनः। हवन जारी रखें।
ध्यान दें: बुझना = बर्बाद नहीं। शान्त मन से पुनः प्रज्वलित। श्रद्धा + मंत्र = सर्वप्रधान।





