विस्तृत उत्तर
ज्वालामुखी देवी मंदिर (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) भारत के सबसे रहस्यमय शक्तिपीठों में से एक है।
रहस्य
इस मंदिर में कोई मूर्ति नहीं — पृथ्वी से स्वतः निकलने वाली 9 ज्वालाएं (अग्नि शिखाएं) ही देवी के रूप में पूजी जाती हैं। ये ज्वालाएं प्राकृतिक गैस (Natural Gas) से निकलती हैं, परंतु भक्तों के लिए यह देवी की दिव्य शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
शक्तिपीठ कथा: यहां सती माता की जिह्वा (जीभ) गिरी थी। अग्नि ज्वालाएं = देवी की वाक् शक्ति (वाणी की अग्नि)।
9 ज्वालाएं — 9 देवियां
- 1महाकाली 2. अन्नपूर्णा 3. चण्डी 4. हिंगलाज 5. विन्ध्यवासिनी 6. महालक्ष्मी 7. सरस्वती 8. अम्बिका 9. अंजना
ऐतिहासिक रहस्य
- ▸मुगल सम्राट अकबर ने इन ज्वालाओं को बुझाने का प्रयास किया — लोहे की प्लेटों से ढका, जल डाला — परंतु ज्वालाएं नहीं बुझीं। इस चमत्कार से प्रभावित होकर उन्होंने स्वर्ण छत्र भेंट किया।
- ▸ज्वालाएं सदियों से निरंतर जल रही हैं।
वैज्ञानिक दृष्टि: भूगर्भ से निकलने वाली प्राकृतिक गैस (Natural Gas — मुख्यतः मीथेन) के कारण ज्वालाएं जलती हैं। परंतु यह गैस सदियों से एक ही स्थान पर निरंतर क्यों निकल रही है — यह अभी भी पूर्णतः अज्ञात है।
पूजा: ज्वालाओं पर दूध, जल, नारियल अर्पित। लाल चुनरी।





