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मनुष्य योनि से जुड़े सभी प्रश्न(4)

मनुष्य योनि पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

कर्म सिद्धांत

84 लाख योनियां क्या हैं और मनुष्य कैसे बनता है?

पद्म पुराण के अनुसार: जलचर 9L + पेड़-पौधे 20L + कृमि 11L + पक्षी 10L + पशु 30L + मानव 4L = 84 लाख। शुभ कर्मों से मनुष्य जन्म मिलता है। मनुष्य में विवेक और मोक्ष की क्षमता — 'बड़े भाग मानुष तन पावा' (रामचरितमानस)।

#84 लाख योनि#पुनर्जन्म#पद्म पुराण
लोक

पितर मनुष्य योनि में हों तो श्राद्ध कैसे मिलता है?

मनुष्य योनि में श्राद्ध अन्न या भोग रूप में मिलता है।

#मनुष्य योनि#श्राद्ध अन्न#भोग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

श्राद्ध अन्न मनुष्य योनि में क्या बनता है?

मनुष्य योनि में श्राद्ध अन्न अन्न के रूप में प्राप्त होता है।

#श्राद्ध अन्न#मनुष्य योनि#अन्न
जीवन एवं मृत्यु

केवल मनुष्य को ही कर्मफल क्यों भोगना पड़ता है?

मनुष्य 'कर्म योनि' में है — उसे विवेक और स्वतंत्र इच्छा से नए कर्म करने की शक्ति मिली है। इसीलिए वह अपने कर्मों का पूरा उत्तरदायी है और उसे उनका फल भोगना पड़ता है।

#कर्मफल#मनुष्य योनि#विवेक
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