📖
विस्तृत उत्तर
यदि आत्मा दानव योनि में है, तो श्राद्ध अन्न मांस बन जाता है। श्राद्ध का अन्न जीव की नई योनि के अनुसार रूपांतरित होकर प्राप्त होता है। इस पारलौकिक अंतरण में ब्राह्मणों द्वारा उच्चारित नाम और गोत्र वाहक की तरह कार्य करते हैं और श्रद्धापूर्वक जपे गए मंत्र माध्यम बनते हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





