विस्तृत उत्तर
गुरु (बृहस्पति) = ज्ञान, धन, विवाह, संतान, भाग्य का कारक। कमजोर गुरु = शिक्षा बाधा, विवाह देरी, धन संकट, संतान कष्ट।
गुरुवार उपाय
पूजा: भगवान विष्णु + माता लक्ष्मी की पूजा। केले के वृक्ष की पूजा + परिक्रमा। पीला चंदन तिलक।
मंत्र: *'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः'* — 108 बार (तुलसी/हल्दी माला)। या सरल: *'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'* — 108 बार।
दान (गुरुवार शाम): हल्दी, चना दाल, पीले वस्त्र, केला, पीले फूल, घी, सोना (यथाशक्ति), पुस्तकें (शिक्षा दान = गुरु अत्यंत प्रसन्न)।
व्रत: गुरुवार व्रत — नमक रहित भोजन। सत्यनारायण कथा (पूर्णिमा)।
रत्न: पुखराज (Yellow Sapphire) — तर्जनी, सोना, गुरुवार (ज्योतिषी सलाह अनिवार्य)।
अन्य: पीले वस्त्र पहनें, नहाने में हल्दी मिलाएँ, विद्वान/गुरु/ब्राह्मण सेवा, गुरुवार नाखून न काटें।
गुरु का सार: गुरु = शिक्षक। ज्ञान बांटें, दान करें, सत्य बोलें = गुरु स्वतः प्रसन्न।




