विस्तृत उत्तर
इस अमोघ अस्त्र से बचने का केवल एक ही मार्ग था — इसके सम्मुख पूर्ण समर्पण करना और अपने सभी शस्त्रों का त्याग कर देना। ऐसा करने पर यह अस्त्र अपना विनाशकारी प्रभाव नहीं डालता था। वैष्णवास्त्र की अजेयता और केवल समर्पण से ही शांत होने का गुण यह दर्शाता है कि यह भगवान विष्णु की अदम्य इच्छा या धर्म के अमोघ विधान का प्रतीक है। जिस प्रकार ईश्वरीय इच्छा का विरोध करना व्यर्थ होता है उसी प्रकार वैष्णवास्त्र का प्रतिरोध भी विनाशकारी सिद्ध होता था।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





