तुलसी माला से जप करने के नियम क्या हैं?
की चेकलिस्ट
विष्णु/कृष्ण/राम/लक्ष्मी। शिव = वर्जित। गंगाजल + विष्णु मंत्र शुद्धि। कंठी = वैष्णव (सदा पहनें)। जप माला ≠ कंठी। तुलसी + विष्णु सहस्रनाम = सर्वोत्तम।
- 1देवता: विष्णु, कृष्ण, राम, लक्ष्मी = तुलसी। शिव = वर्जित (तुलसी शिव को नहीं चढ़ती)।
- 2108 + 1 दाने।
- 3शुद्धि: गंगाजल + विष्णु मंत्र 108 बार।
- 4अत्यंत पवित्र: तुलसी माला पहनना = विष्णु कृपा।
- 5गले में: तुलसी कंठी (2 लड़ी) = वैष्णव पहचान — सदा पहनें।
- 6जप माला अलग: पहनने की कंठी ≠ जप माला — दोनों अलग रखें।
- 7न उतारें: कुछ वैष्णव: तुलसी कंठी कभी न उतारें (स्नान/शयन में भी)।
- 8टूट जाए: नदी/तुलसी पौधे के नीचे विसर्जन।
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