ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

तुलसी से जुड़े सभी प्रश्न(43)

तुलसी पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 43 प्रश्न उपलब्ध हैं।

दैनिक कर्म

तुलसी पत्ते तोड़ने के नियम?

न तोड़ें: रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रांति, रात। कैसे: सुबह, शुद्ध हाथ, 'ॐ तुलस्यै नमः'+क्षमा, दाहिना हाथ, जरूरत जितने। पहले दिन तोड़कर रखें।

#तुलसी#पत्ते#नियम
पूजा विधि

कृष्ण पूजा में तुलसी जरूरी है क्या?

हाँ, तुलसी कृष्ण पूजा में अनिवार्य मानी गई है। पद्म पुराण के अनुसार तुलसी के बिना भोग भगवान स्वीकार नहीं करते। तुलसी को श्रीकृष्ण की प्रिया और वृंदा नाम से जाना जाता है।

#तुलसी#कृष्ण पूजा#तुलसी महत्व
कृष्ण भक्ति

कृष्ण नाम जप के लिए तुलसी माला क्यों प्रयोग करते हैं?

पद्म पुराण: तुलसी = वृन्दा, विष्णु को सर्वाधिक प्रिय। 'बिना तुलसी पूजा अपूर्ण।' शुद्धता, विशेष ऊर्जा, गौड़ीय: कंठी = शरणागति। स्कंद पुराण: 'तुलसी माला = मंत्र सिद्धि।' कृष्ण/विष्णु = तुलसी। शिव = रुद्राक्ष। गणेश = तुलसी वर्जित।

#तुलसी#माला#कृष्ण
गणेश पूजा नियम

गणेश जी को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती?

तुलसी ने विवाह प्रस्ताव → गणेश ने मना → तुलसी शाप → गणेश प्रति-शाप: 'मेरी पूजा में तुम वर्जित।' गणेश = दूर्वा; विष्णु = तुलसी। कुछ दक्षिण परंपरा में मान्य।

#तुलसी#गणेश#वर्जित
विज्ञान+धर्म

तुलसी पौधे के वैज्ञानिक और धार्मिक लाभ?

धार्मिक: विष्णुप्रिया, यमदूत दूर। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल, इम्यूनिटी, तनाव कम(Adaptogen), शर्करा नियंत्रण, 24hr ऑक्सीजन, मच्छर भगाती। दोनों लाभ प्रमाणित।

#तुलसी#वैज्ञानिक#धार्मिक
दिव्यास्त्र

मृत्यु के समय तुलसी रखने से क्या होता है?

मृत्यु के समय सिरहाने तुलसी या मुख में तुलसी पत्ता होने पर यमदूत आत्मा को नहीं ले जाते और स्वयं यमराज भी उस आत्मा को प्रणाम करते हैं।

#तुलसी#मृत्यु#यमदूत
दिव्यास्त्र

यमदण्ड से मुक्ति कैसे मिल सकती है?

यमदण्ड से मुक्ति के तीन उपाय हैं — मृत्यु के समय तुलसी पत्ता, गंगाजल, या श्रीमद्भागवत का पाठ सुनते हुए प्राण त्यागना।

#यमदण्ड#मुक्ति#तुलसी
माला ज्ञान

मंत्र जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है

कोई एक माला सर्वश्रेष्ठ नहीं है; शिव व शक्ति के लिए रुद्राक्ष, विष्णु व कृष्ण के लिए तुलसी, सरस्वती व शांति के लिए स्फटिक, और लक्ष्मी साधना के लिए कमल गट्टे की माला सर्वोत्तम मानी जाती है।

#माला#रुद्राक्ष#तुलसी
माला नियम

तुलसी माला से जप करने के नियम क्या हैं?

विष्णु/कृष्ण/राम/लक्ष्मी। शिव = वर्जित। गंगाजल + विष्णु मंत्र शुद्धि। कंठी = वैष्णव (सदा पहनें)। जप माला ≠ कंठी। तुलसी + विष्णु सहस्रनाम = सर्वोत्तम।

#तुलसी#माला#जप
माला नियम

राम नाम जप के लिए कौन सी माला सबसे उत्तम है?

तुलसी माला सर्वोत्तम (राम=विष्णु, तुलसी=विष्णुप्रिया)। रुद्राक्ष/स्फटिक/चंदन भी। 'श्री राम जय राम' / 'ॐ रामाय नमः'। राम नाम = सर्वसरलतम — माला बिना भी।

#राम#नाम#माला
अंतिम संस्कार

मृत व्यक्ति को तुलसी के पत्ते क्यों रखते हैं?

तुलसी = विष्णु प्रिया (मोक्ष सहायक)। यमदूत/प्रेत तुलसी के पास नहीं आते। गरुड़ पुराण: 4 पवित्र वस्तुओं में तुलसी। मुख में तुलसी+गंगाजल। शरीर पास तुलसी पौधा। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल।

#तुलसी#मृत्यु#विष्णु प्रिय
दैनिक कर्म

तुलसी पूजा रोज कैसे करें?

सुबह: जल+दीपक+हल्दी/कुमकुम→3-7 परिक्रमा→'ॐ तुलस्यै नमः' 11 बार। शाम दीपक। पत्ते रविवार/एकादशी/रात न तोड़ें। तुलसी=विष्णुप्रिया।

#तुलसी#पूजा#दैनिक
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा के बाद प्रसाद और तुलसी क्यों देते हैं?

कथा समाप्ति पर वक्ता श्रोताओं को प्रसाद, तुलसी और प्रसादमालाएँ देता है; इसके बाद कीर्तन होता है।

#प्रसाद#तुलसी#कथा समाप्ति
लोक

जालंधर और वृंदा की पूरी कथा क्या है?

यह कथा जालंधर जन्म, वृंदा सतीत्व, विष्णु माया, जालंधर वध और तुलसी-शालिग्राम उत्पत्ति की है।

#जालंधर वृंदा कथा#तुलसी#शालिग्राम
लोक

वृंदा की कथा किस पुराण में है?

वृंदा की कथा शिव पुराण, पद्म पुराण और स्कंद पुराण परंपराओं में मिलती है।

#वृंदा कथा#पद्म पुराण#तुलसी
लोक

वृंदा ने अग्नि-समाधि क्यों ली?

वृंदा ने पति-वियोग और छल के दुःख में अग्नि-समाधि ली।

#वृंदा अग्नि समाधि#जालंधर मृत्यु#तुलसी
लोक

तुलसी के बिना विष्णु पूजा अधूरी क्यों मानी जाती है?

विष्णु जी ने तुलसी दल को अपनी पूजा और भोग में अनिवार्य बताया।

#तुलसी#विष्णु पूजा#भोग
लोक

वृंदा किसकी भक्त थी?

वृंदा भगवान विष्णु की परम भक्त थी।

#वृंदा भक्ति#विष्णु भक्त#तुलसी
लोक

वृंदा और तुलसी का क्या संबंध है?

वृंदा ही बाद में तुलसी रूप में प्रकट हुईं।

#वृंदा#तुलसी#तुलसी प्राकट्य
लोक

वृंदा कौन थी?

वृंदा जालंधर की पतिव्रता पत्नी और भगवान विष्णु की परम भक्त थी।

#वृंदा#तुलसी#जालंधर
लोक

जालंधर की पत्नी कौन थी?

जालंधर की पत्नी वृंदा थी, जो बाद में तुलसी के रूप में पूजित हुई।

#जालंधर पत्नी#वृंदा#तुलसी
लोक

जालंधर कौन था?

जालंधर शिव की क्रोधाग्नि से उत्पन्न एक शक्तिशाली दैत्य राजा था।

#जालंधर#शिव पुराण#वृंदा
लोक

वैकुण्ठ में लक्ष्मी जी क्या करती हैं?

वे भगवान को तुलसी दल और सेवा अर्पित करती हैं।

#लक्ष्मी#वैकुण्ठ#तुलसी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के समय देह की पवित्रता कैसे रखी जाती है?

गोमय-लेपित भूमि, कुशा, तुलसी, शालिग्राम और नौ द्वारों में स्वर्ण से मृत्यु-समय देह की पवित्रता रखी जाती है।

#देह पवित्रता#मृत्यु#तुलसी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मरणासन्न व्यक्ति के हाथों पर तुलसी क्यों रखी जाती है?

मरणासन्न व्यक्ति के हाथों पर तुलसी रखना मृत्यु-समय की शास्त्रीय पवित्रता-विधि का भाग है।

#तुलसी#मरणासन्न#मृत्यु विधि
अंत्येष्टि एवं मृत्यु संस्कार

गरुड़ पुराण के नवें अध्याय में मरणासन्न व्यक्ति के लिए क्या करना चाहिए?

गरुड़ पुराण के नवें अध्याय में बताया गया है कि मरणासन्न व्यक्ति को तुलसी के पास गोबर से बने मण्डल में, कुश बिछाकर भूमि पर लिटाएँ। मुख में तुलसी-मंजरी, शालिग्राम का चरणामृत और तिल दें। नारायण-नाम का कीर्तन करते रहें।

#मरणासन्न#गरुड़ पुराण#नवाँ अध्याय
गृह आचार एवं पूजा विधि

तुलसी की परिक्रमा कैसे करें?

दाहिनी ओर से (clockwise) तीन परिक्रमाएं करें, मंत्र बोलें। रविवार और एकादशी को तुलसी का स्पर्श वर्जित है।

#तुलसी#परिक्रमा#पूजा विधि
गृह आचार एवं पूजा विधि

शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने का क्या नियम है?

सूर्यास्त से पहले गोधूलि बेला में तुलसी के पास घी या तेल का दीपक जलाएं, मुख उत्तर या पूर्व दिशा में रखें, विषम संख्या में जलाएं। रविवार को तुलसी पूजन वर्जित है।

#तुलसी#दीपक#संध्या पूजा
पूजा विधि एवं नियम

रविवार को तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए क्यों?

रविवार को माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, इसलिए उस दिन पत्ते तोड़ना या जल चढ़ाना उनके व्रत को खंडित करना माना जाता है। विष्णु पुराण में यह स्पष्ट वर्जित है।

#तुलसी#रविवार#तुलसी नियम
पूजा विधि एवं नियम

तुलसी के पत्ते तोड़ने का सही समय क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच, स्नान के बाद, उंगलियों के पोर से, हाथ जोड़कर प्रार्थना करके तुलसी पत्ते तोड़ें। रविवार, एकादशी, ग्रहण, संध्याकाल और मृत्यु-सूतक में पत्ते तोड़ना वर्जित है।

#तुलसी#तुलसी पत्ते#पूजा नियम
महिला एवं धर्म

मासिक धर्म में तुलसी छूनी चाहिए या नहीं

विवादित। परंपरा=नहीं (पवित्रता)। आधुनिक=प्राकृतिक प्रक्रिया; अशुद्धि नहीं। कुल अनुसार। मानसिक जप सदैव अनुमत। अपराधबोध न रखें।

#मासिक धर्म#तुलसी#छूना
दैनिक आचार

तुलसी का पत्ता रोज खाने के धार्मिक फायदे

धार्मिक: विष्णु कृपा, पाप नाश (पद्म पुराण), चरणामृत, मोक्ष सहायक। आयुर्वेद: इम्यूनिटी, श्वसन, तनाव, पाचन, रक्त शुद्धि। प्रातः 3-5 पत्ते। दांत से न काटें (कुछ परंपरा) — निगलें।

#तुलसी#पत्ता#धार्मिक
दैनिक आचार

शाम को तुलसी पूजा कैसे करें

संध्या समय: दीपक जलाएं + जल अर्पित + कुमकुम/अक्षत + 3-7 परिक्रमा + 'ॐ तुलस्यै नमः'। शाम को पत्ते न तोड़ें (नियम)। दीपक + तुलसी = सबसे प्रचलित संध्या कर्म। कार्तिक में तुलसी विवाह।

#तुलसी#शाम#पूजा
दैनिक आचार

चरणामृत रोज पीने के क्या लाभ हैं

चरणामृत: पाप नाश, ईश्वर कृपा। वैज्ञानिक: तांबे का जीवाणुरोधी जल, तुलसी इम्यूनिटी बूस्टर, पंचामृत पोषक। दाहिने हाथ से, पूजा बाद प्रतिदिन लें।

#चरणामृत#तुलसी#तांबा
वास्तु शास्त्र

घर में तुलसी का पौधा किस दिशा में लगाएं

तुलसी उत्तर, पूर्व या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में लगाएं। दक्षिण दिशा और शौचालय के पास वर्जित है। तुलसी वृंदावन (ऊँचा चबूतरा) बनाकर लगाएं, प्रतिदिन संध्या में दीपक जलाएं, और रविवार को तुलसी न तोड़ें।

#तुलसी#दिशा#वास्तु
ग्रहण विधि

ग्रहण काल में तुलसी का पत्ता भोजन में क्यों रखते हैं?

तुलसी ग्रहण: पवित्रतम, राहु निष्क्रिय। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल (यूजेनॉल), प्राकृतिक preservative। दूध-दही-पानी सबमें। सूतक से पहले डालें, ग्रहण में न तोड़ें।

#तुलसी#ग्रहण#भोजन शुद्धि
व्रत एवं पर्व

कार्तिक मास में स्नान और दीपदान का क्या विधान है

कार्तिक = सबसे पवित्र मास (पद्मपुराण)। स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में नदी/घर पर, सर्वपापनाशक। दीपदान: सन्ध्याकाल में तुलसी/पीपल/मन्दिर/नदी तट पर — घी/तिल तेल के मिट्टी दीये। तुलसी पूजा नित्य। कार्तिक पूर्णिमा = देव दीपावली। दान का विशेष पुण्य।

#कार्तिक#स्नान#दीपदान
मंदिर वास्तु

मंदिर में तुलसी का पौधा क्यों होता है?

धार्मिक: विष्णुप्रिया — विष्णु पूजा अपूर्ण बिना तुलसी। वृन्दा = देवी रूप। कार्तिक में तुलसी विवाह। नकारात्मक शक्ति निवारक। वैज्ञानिक: Air Purifier, जीवाणु नाशक, मच्छर निवारक, औषधीय। चौकोर चबूतरे पर स्थापना। शिवलिंग पर वर्जित। रविवार/एकादशी पत्ते न तोड़ें।

#तुलसी#वृन्दा#विष्णुप्रिया
जप माला प्रकार

मंत्र जप के लिए कौन सी माला सबसे अच्छी है?

श्रेष्ठ माला: रुद्राक्ष (सर्वोत्तम — शिव पुराण: 'हजार गुणा फल')। तुलसी — विष्णु-कृष्ण। स्फटिक — सभी देव, ध्यान। रक्तचंदन — दुर्गा-काली। माला न हो तो अंगुलियों पर जप भी पर्याप्त।

#माला प्रकार#रुद्राक्ष#तुलसी
पूजा रहस्य

पूजा में तुलसी क्यों चढ़ाई जाती है?

तुलसी क्यों: 'तुलसी विष्णुप्रिया' — विष्णु की सर्वप्रिय। बिना तुलसी विष्णु पूजा अधूरी। स्कंद पुराण: 'तुलसी के एक पत्ते का पुण्य अतुलनीय।' वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल गुण। नोट: शिव, दुर्गा, काली पूजा में तुलसी वर्जित — केवल विष्णु पूजा में।

#तुलसी#विष्णु#पवित्र
मंदिर ज्ञान

मंदिर में प्रसाद में तुलसी का पत्ता क्यों रखते हैं?

विष्णुप्रिया ('बिना तुलसी पूजा अधूरी'), पवित्रता, लक्ष्मी अवतार। वैज्ञानिक: antibacterial (प्रसाद शुद्ध), antioxidant (immunity↑), सुगंध। दाहिने हाथ। सूर्यास्त बाद न तोड़ें।

#तुलसी#पत्ता#प्रसाद
शिव पूजा नियम

शिवलिंग पर तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती, शिव पुराण में क्या प्रमाण है?

शिव पुराण/पद्म पुराण: तुलसी पूर्वजन्म में वृंदा थी — जालंधर (राक्षस) की पत्नी। शिव ने जालंधर वध किया, वृंदा ने शिव को दोषी ठहराया। वृंदा के आत्मदाह से तुलसी उत्पन्न। तुलसी विष्णु-प्रिया, शिव पूजा में वर्जित। भिन्न मत: ब्रह्म पुराण और निर्णयसिंधु में तुलसी-शिव निषेध स्पष्ट नहीं — विवादित विषय।

#तुलसी#शिवलिंग#वृंदा
विज्ञान और आध्यात्म

तुलसी के पत्ते में यूजिनॉल का क्या प्रभाव है?

यूजिनॉल तुलसी का मुख्य यौगिक — एंटीमाइक्रोबियल, एंटीफंगल, दर्दनिवारक (COX-2 अवरोधक) और एंटीऑक्सिडेंट। भगवान के जल में तुलसी इसे शुद्ध रखती है। तुलसी 24 घंटे ऑक्सीजन देती है और मच्छर भगाती है।

#तुलसी#यूजिनॉल#eugenol
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।