विस्तृत उत्तर
चरणामृत भगवान के चरण धोने का पवित्र जल है — तुलसी, तांबे के पात्र और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से बनता है।
धार्मिक लाभ
- 1पाप नाश — चरणामृत पापों को धोता है।
- 2ईश्वर कृपा — भगवान के चरणों का प्रसाद।
- 3मोक्ष सहायक — नियमित सेवन मोक्ष मार्ग में सहायक।
आयुर्वेदिक/वैज्ञानिक लाभ
- 1तांबे का जल — जीवाणुरोधी (antibacterial), पाचन सुधारता है।
- 2तुलसी — इम्यूनिटी बूस्टर, एंटीऑक्सीडेंट, श्वसन रोग में लाभकारी।
- 3पंचामृत — दूध (कैल्शियम), दही (प्रोबायोटिक), घी (पाचन), शहद (एंटीबैक्टीरियल) — सभी स्वास्थ्यवर्धक।
- 4पाचन — चरणामृत पाचन शक्ति बढ़ाता है।
सेवन विधि
- ▸दाहिने हाथ से लें, बायां हाथ नीचे सहारे में।
- ▸खड़े होकर नहीं, बैठकर या झुककर।
- ▸प्रतिदिन पूजा के बाद।





