विस्तृत उत्तर
माला के प्रकार और उनके उपयोग का वर्णन शिव पुराण, पद्म पुराण और मंत्र महोदधि में मिलता है:
देवता अनुसार श्रेष्ठ माला
| माला | देवता | विशेषता |
|------|-------|----------|
| रुद्राक्ष | शिव, सभी देव | सर्वश्रेष्ठ — शिव का स्वरूप |
| तुलसी | विष्णु, कृष्ण, राम | वैष्णव साधना |
| स्फटिक (crystal) | सभी देव, देवी | सात्विक, शांति |
| रक्तचंदन | दुर्गा, काली | शाक्त साधना |
| मूँगा | गणेश, दुर्गा | मंगल ग्रह शांति |
| मोती | चंद्र साधना | मानसिक शांति |
| हल्दी माला | देवी साधना | विशेष कामना |
| काली हकीक | काली, भैरव | तंत्र साधना |
सर्वश्रेष्ठ — रुद्राक्ष
शिव पुराण: 'रुद्राक्षमालया जप्तं सहस्रगुणितं भवेत्।' — रुद्राक्ष माला से जप हजार गुणा फल देता है।
तुलसी माला
पद्म पुराण: 'तुलसीकाष्ठसम्भूता माला धन्या च पावनी।' — तुलसी माला धन्य और पावन है।
स्फटिक
सभी देवताओं के लिए उपयोगी। विशेषतः ध्यान और मानसिक शांति के लिए।
न्यूनतम
यदि कोई माला न हो — अंगुलियों पर जप भी पर्याप्त है।





