हनुमान चालीसा का पाठ रात में करना चाहिए या नहीं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
हां — कभी भी। प्रातः सर्वोत्तम, रात मान्य (भय/संकट विशेष)। 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै' — रात = रक्षा। कोई वर्जित नहीं। हनुमान = सदा जागृत, सबसे सुलभ।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
हनुमान
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।