विस्तृत उत्तर
शालिग्राम को घर में रखना अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है, किन्तु इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन भी आवश्यक है।
घर में शालिग्राम रखने के प्रमुख नियम इस प्रकार हैं। एक बार शालिग्राम घर में आने के बाद उसे न तो किसी को दान में दें और न ही बेचें — यह धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना गया है। शालिग्राम को उचित ऊँचाई पर और पवित्र स्थान पर स्थापित करें — जमीन पर नहीं रखना चाहिए। जितनी क्षमता हो उतने ही शालिग्राम घर में रखें — यदि नित्य पूजा नहीं हो सकती तो एक से अधिक रखना उचित नहीं। नित्य पूजा का संकल्प लेकर ही शालिग्राम घर लाएं — पूजा में अनियमितता नहीं होनी चाहिए। अशौच (सूतक या मृत्यु के बाद की अशुद्धि) की अवस्था में या अशुद्ध हाथों से शालिग्राम का स्पर्श नहीं करना चाहिए।
शालिग्राम की उपस्थिति से घर में माँ लक्ष्मी, भगवान विष्णु और समस्त तीर्थों का सानिध्य माना जाता है। इसके साथ तुलसी का पौधा रखने से और भी शुभ माना जाता है। शालिग्राम और तुलसी का जोड़ा साक्षात् विष्णु और उनकी प्रिया का प्रतीक है।





