विस्तृत उत्तर
शालिग्राम भगवान विष्णु का विग्रह (मूर्त) स्वरूप है। यह नेपाल की गंडकी (गंडक) नदी से प्राप्त होने वाला विशेष काला पत्थर है जिसे हिंदू परम्परा में भगवान विष्णु का साक्षात रूप माना जाता है। नेपाल में 'शालग्राम' नाम के एक स्थान पर भगवान विष्णु का मंदिर है — उसी ग्राम के नाम पर इसे शालिग्राम कहा जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार जब वृंदा को भगवान विष्णु की माया का बोध हुआ तो क्रोध में उन्होंने विष्णु जी को 'पत्थर बन जाने' का श्राप दे दिया। विष्णु जी ने उस श्राप को स्वीकार किया और कहा कि उनका एक रूप शालिग्राम पत्थर के रूप में सदा रहेगा, जिसकी पूजा तुलसी के साथ की जाएगी। इस प्रकार शालिग्राम विष्णु जी के स्व-श्रापित किन्तु पवित्र विग्रह रूप का प्रतीक बन गया।
शालिग्राम लगभग 33 प्रकार के होते हैं जिनमें से 24 प्रकार विष्णु के 24 अवतारों से सम्बन्धित माने जाते हैं। जिस शालिग्राम पर चक्र और अन्य चिह्न होते हैं वह विष्णु जी के उस विशेष अवतार का प्रतीक माना जाता है। जहाँ शालिग्राम रहता है वहाँ भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और समस्त तीर्थों का निवास माना गया है।





