विस्तृत उत्तर
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था, परंतु उनका बचपन गोकुल और फिर वृंदावन में बीता। इस प्रश्न का उत्तर समझने के लिए कृष्ण के जीवन के तीन प्रमुख स्थानों को जानना आवश्यक है।
मथुरा — जन्मभूमि: श्रीमद्भागवत पुराण के दशम स्कंध के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा की उस कारागार में हुआ जहाँ उनके माता-पिता देवकी और वासुदेव कंस के बंदी थे। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रात्रि 12 बजे अर्धरात्रि में उनका प्राकट्य हुआ। वासुदेव ने उसी रात कारागार के ताले चमत्कारिक रूप से खुलने पर उन्हें यमुना पार करके गोकुल पहुँचाया।
गोकुल — बाल्यकाल की लीलाभूमि: मथुरा से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर कृष्ण का पालन-पोषण हुआ। यहाँ पूतना उद्धार, शकटासुर, तृणावर्त और विभिन्न बाल लीलाएँ हुईं।
वृंदावन — किशोर लीलाभूमि: वृंदावन में श्रीकृष्ण का किशोर जीवन बीता। यहाँ गोपियों के साथ रासलीला, यमुना तट पर बाँसुरी वादन, राधा से मिलन और नाना प्रकार की लीलाएँ हुईं।
इस प्रकार मथुरा जन्मभूमि है, गोकुल शैशव स्थली है और वृंदावन किशोर क्रीड़ाभूमि है। तीनों स्थान कृष्ण के 'घर' हैं। बाद में कंस वध के पश्चात् वे मथुरा लौटे और अंतिम समय में द्वारका को अपनी राजधानी बनाया।





