विस्तृत उत्तर
मथुरा-वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और लीला भूमि है, इसलिए यहाँ मंदिरों की संख्या अत्यंत विशाल है। वृंदावन में अनुमानित 5,000 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर बताए जाते हैं, जिनमें बाँके बिहारी, राधा-दामोदर, राधावल्लभ, राधारमण, गोविंद देव, मदन मोहन, ISKCON कृष्ण-बलराम, प्रेम मंदिर, रंगाजी मंदिर, जयपुर मंदिर, शाहजी मंदिर, सेवा कुंज आदि प्रमुख हैं। वृंदावन की 300 से अधिक गलियों में से लगभग 100 गलियाँ बाँके बिहारी मंदिर के आसपास हैं। मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि, द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट के आसपास के अनेक मंदिर, बिड़ला मंदिर, कंस मंदिर आदि प्रमुख हैं। पूरे ब्रज क्षेत्र — जिसमें मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगाँव, गोकुल, महावन आदि सम्मिलित हैं — में मंदिरों की संख्या हजारों में है। वृंदावन को 'मंदिरों का शहर' कहा जाता है और यहाँ हर गली-मोहल्ले में कृष्ण के किसी न किसी रूप का मंदिर मिलता है। हालाँकि सटीक और अद्यतन आँकड़ा विभिन्न स्रोतों में 5,000 से 7,000 तक बताया जाता है।





