तीर्थ एवं यात्राब्रज चौरासी कोस परिक्रमा क्या है?ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा श्रीकृष्ण की समस्त लीलाभूमि (मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगाँव, बरसाना आदि) की पैदल यात्रा है जो लगभग 252-360 किमी लंबी है। गर्ग संहिता में इसकी उत्पत्ति कथा मिलती है। मान्यता है कि इससे 84 लाख योनियों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।#ब्रज परिक्रमा#चौरासी कोस#वृंदावन
तीर्थ एवं धार्मिक स्थलमथुरा-वृंदावन में कितने मंदिर हैं?वृंदावन में अनुमानत: 5,000 से अधिक मंदिर हैं। इनमें बाँके बिहारी, राधावल्लभ, गोविंद देव, प्रेम मंदिर, ISKCON मंदिर प्रमुख हैं। मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
तीर्थ यात्रामथुरा वृंदावन कौन से मंदिर जरूर देखेंमथुरा: जन्मभूमि, द्वारकाधीश, विश्राम घाट। वृंदावन: बांके बिहारी, इस्कॉन, प्रेम मंदिर, निधिवन। आसपास: गोवर्धन परिक्रमा, बरसाना। 2-3 दिन।#मथुरा#वृंदावन#मंदिर
तीर्थ यात्रामथुरा वृंदावन यात्रा कैसे करेंमथुरा (जन्मभूमि)+वृंदावन (बांके बिहारी/इस्कॉन/प्रेम मंदिर)+गोवर्धन+बरसाना। 2-3 दिन। दिल्ली→180km।#मथुरा#वृंदावन#कृष्ण
कृष्ण लीलाकृष्ण जी के घर मथुरा या वृंदावन?कृष्ण जी का जन्म मथुरा में हुआ, बचपन गोकुल में बीता और किशोरावस्था की लीलाएँ वृंदावन में हुईं। तीनों स्थान उनके 'घर' हैं। कंस वध के बाद वे मथुरा लौटे और बाद में द्वारका राजधानी बनाई।#कृष्ण जन्म#मथुरा#गोकुल