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वृंदावन से जुड़े सभी प्रश्न(8)

वृंदावन पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 8 प्रश्न उपलब्ध हैं।

तीर्थ एवं यात्रा

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा क्या है?

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा श्रीकृष्ण की समस्त लीलाभूमि (मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगाँव, बरसाना आदि) की पैदल यात्रा है जो लगभग 252-360 किमी लंबी है। गर्ग संहिता में इसकी उत्पत्ति कथा मिलती है। मान्यता है कि इससे 84 लाख योनियों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

गोपियों ने माँ कात्यायनी की पूजा क्यों की थी?

गोपियों ने माँ कात्यायनी की पूजा क्यों: श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए। वर्तमान विश्वास: माँ कात्यायनी आज भी ब्रज भूमि में गोपियों का कल्याण करती हैं। सच्चे मन से पुकारने वाली कन्या को योग्य जीवनसाथी का वरदान।

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तीर्थ एवं धार्मिक स्थल

वृंदावन की बाँके बिहारी मंदिर की विशेषता

बाँके बिहारी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता पर्दा दर्शन है — पुजारी बार-बार परदा खोलते-बंद करते हैं। यहाँ मंगला आरती नहीं होती। ठाकुरजी स्वामी हरिदास की साधना से निधिवन में प्रकट हुए थे। यह 1864 में बना।

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तीर्थ एवं धार्मिक स्थल

मथुरा-वृंदावन में कितने मंदिर हैं?

वृंदावन में अनुमानत: 5,000 से अधिक मंदिर हैं। इनमें बाँके बिहारी, राधावल्लभ, गोविंद देव, प्रेम मंदिर, ISKCON मंदिर प्रमुख हैं। मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।

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तीर्थ यात्रा

वृंदावन बांके बिहारी दर्शन नियम

स्वामी हरिदास; 'झांकी दर्शन' (पर्दा खुलता-बंद — अनूठा)। गर्मी 7:45AM-12 + 5:30-9:30PM। मोबाइल/कैमरा वर्जित। सुबह जल्दी = कम भीड़। जन्माष्टमी/होली = विशेष।

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तीर्थ यात्रा

मथुरा वृंदावन कौन से मंदिर जरूर देखें

मथुरा: जन्मभूमि, द्वारकाधीश, विश्राम घाट। वृंदावन: बांके बिहारी, इस्कॉन, प्रेम मंदिर, निधिवन। आसपास: गोवर्धन परिक्रमा, बरसाना। 2-3 दिन।

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तीर्थ यात्रा

मथुरा वृंदावन यात्रा कैसे करें

मथुरा (जन्मभूमि)+वृंदावन (बांके बिहारी/इस्कॉन/प्रेम मंदिर)+गोवर्धन+बरसाना। 2-3 दिन। दिल्ली→180km।

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कृष्ण लीला

कृष्ण जी के घर मथुरा या वृंदावन?

कृष्ण जी का जन्म मथुरा में हुआ, बचपन गोकुल में बीता और किशोरावस्था की लीलाएँ वृंदावन में हुईं। तीनों स्थान उनके 'घर' हैं। कंस वध के बाद वे मथुरा लौटे और बाद में द्वारका राजधानी बनाई।

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